: अमेरिकी इतिहास की सबसे शर्मनाक घटना,अमेरिका क़े परमाणु हथियारों और ठिकानों का रहस्य दुनिया क़े सामने
Sun, May 30, 2021
image source:bellingcat
अमेरिका को दुनिया का सबसे ताकतवर राष्ट्र ऐसे ही नही मन जाता है,इसके पीछे उसके सैन्य ठिकाने व विध्वंसक परमाणु हथियारों(nuclear weapons) का ज़खीरा है।आमेरिका अपना वर्चस्व बनाये रखने के लिए पूरी दुनिया मे अपने सैन्य ठिकाने रखता है जो कि बेहद रहस्यमयी होते हैं और इनकी जानकारी केवल अमेरिकी सरकार और अमेरिकी सेना के पास होती है।
अब हाल ही में एक ऐसी खभर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है।दरअसल अमेरिका के रहस्यमयी परमाणु ठिकानों की सभी जानकारी लीक हो गयी और इंटरनेट पे सावर्जनिक हो गयी,जिसने दुनिया भर के विशेषज्ञों को सकते मे डाल दिया है।
क्या है पूरा मामला?
जैसा कि हमने आपको पहले बताया कि अमेरिका के सैन्य ठिकाने दुनिया भर मे मौजूद है और ये बेहद रहस्यमयी होते है और इनसे जुड़ी सभी जानकारियां अमेरिकी
सैनिकों
के पास होती है।अब इन सैनिकों को कई बेहद रहस्मयी जानकारियां जैसे परमाणु हथियारों की संख्यां,उनके प्रकार,उनके स्थान जहाँ पर वो रखें है और पासवर्ड्स आदि याद रखनी पड़ती है साथ ही उन्हें कई सुरक्षा प्रोटोकॉल भी दिन में कई बार निभाने पड़ते हैं।
अब इतने सारे सुरक्षा प्रोटोकॉल को याद रखना व इतनी सारी संवेदनशील जानकारियों को याद रखना कोई आसान काम नही और इसी वजह से कई बार अमेरिकी सैनिक ये जानकारियां व डेटा भूल जाते हैं और उनको इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ता है।इन्ही सब चीजों से बचने के लिए और सभी डेटा व जानकारी को याद रखने के लिए अमेरिकी सैनिकों ने फ़्लैश कार्ड का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।
अमेरिकी सैनिकों ने अपने परमाणु ठिकानों व हथियारों से जुड़ी सभी जानकारियां इन्ही फ्लैश कार्डस पे डाल दी जो कि अब इंटरनेट पे सर्वाजनिक रूप से उपलब्ध हैं।इसके बाद से ही अमेरिका की सेना की काफी आलोचना हुई और अब भी कई लोग इसको मजाक समझ रहें हैं क्योंकि दुनिया की सबसे ताकतवर और प्रोफेशनल सेना के द्वारा ऐसे बच्चो जैसी हरकत करना वाकई शर्मनाक है।
क्या होते है फ़्लैश कार्ड्स?
फ़्लैश कार्ड्स इंटरनेट पर मौजूद कार्ड्स होते है जो कि बच्चो द्वारा चीजों को याद रखने के लिए इस्तेमाल किये जाते है।इनमे एक तरफ आप सवाल लिख सकते हैं और दूसरी तरफ उसके जवाब।ये इंटरनेट पर बहुत आसानी से मिल जाते हैं।
Read Also-
एलोन मस्क की जीवनी,एलोन मस्क की दैनिक दिनचर्या,बिटकॉइन के बारें में जाने।
: WHO-विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने महामारी से निपटने के प्रयासों के लिए देश की प्रशंसा की है।
Sat, Feb 6, 2021
नई दिल्ली:
भारत में लगातार कोरोना वायरस के मामलों में कमी देखी जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने महामारी से निपटने के प्रयासों के लिए देश की प्रशंसा की है।
डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अधनोम घेब्रेयसस ने शुक्रवार को कहा कि भारत ने कोविड-19 मामलों की संख्या में उल्लेखनीय रूप से कमी की है।
डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा, "इससे हमें पता चलता है कि यदि हम इन सरल सार्वजनिक स्वास्थ्य समाधानों को कर सकते हैं, तो हम वायरस को हरा सकते हैं। टीकों को शामिल किए जाने के साथ, हम और भी बेहतर परिणामों की उम्मीद करेंगे।"
केंद्र सरकार ने कल लोकसभा को बताया कि देश सितंबर 2020 के मध्य में रिपोर्ट किए गए रिकॉर्ड केस के बाद से प्रतिदिन मामलों में निरंतर गिरावट दर्ज कर रहा है।
सरकार ने कहा, "सितंबर 2020 के मध्य में रिपोर्ट किए गए रिकॉर्ड केस के बाद से भारत में प्रतिदिन रिपोर्ट किए जाने वाले मामलों की संख्या में निरंतर गिरावट देखी जा रही है। हालांकि, यूरोप और अमेरिका के कई देशों से COVID-19 मामलों में फिर से रिपोर्ट की गई है, इसलिए निरंतर निगरानी की जा रही है।''
स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी चौबे ने एक लिखित उत्तर में कहा, "पुनरुत्थान के शुरुआती संकेतों को लेने और उसके अनुसार आवश्यक मौजूदा एसओपी/एडवाइजरी जारी करने के लिए सभी स्तरों पर विकसित स्थिति बनाई जा रही है।"
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि भारतीय कोविड टीकाकरण अभियान के तहत 4.5 मिलियन कोविड-19 वैक्सीन की खुराक 19 दिनों में लोगों को लगाई गई हैं।
भारत में COVID-19 केस 1.08 करोड़ के पार
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को भारत के कोविड-19 के केस 12,408 रहे, जिसके साथ कुल मामलों की संख्या 1.08 करोड़ पार कर गई। जबकि 120 दैनिक नई मृत्यु के साथ मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,54,823 हो गई।
भारत ने 16 जनवरी को देश भर में अपने बहुप्रतीक्षित COVID-19 टीकाकरण अभियान की शुरुआत की। 3 फरवरी तक 41,38,918 लोगों को टीका लगाया गया है।
टीकाकरण अभियान का तीसरा चरण जिसमें 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को टीका लगाया जाएगा, मार्च से शुरू होने की संभावना है।