: अमेरिका लगाएगा चीन पर 10 लाख करोड़ का जुर्माना,जानिए पूरा सच
Sun, Jun 6, 2021
कोरोना वायरस ने दुनिया भर में कोहराम मच रखा है और दुनिया का हर देश इस भयानक वायरस से परेशान है।इस वायरस ने हर वर्ग के लोगों को मुसीबत में दाल दिया है फिर चाहे वो अमीर हो या फिर गरीब।इसी कोरोना वायरस ने चीन और अमेरिका के बीच दुश्मनी की एक नई इबारत लिखने का काम किया है।
दुनिया भर के वैज्ञानिक कई महीनों से शोध कर रहे हैं कि आखिर दुनिया मे तबाही मचाने वाला ये वायरस उत्पन्न कहा से हुआ।पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों के मन मे सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि इस वायरस की उत्पत्ति प्राकर्तिक है या फिर इसे मानव द्वारा बनाया गया है।
वास्तविकता में तो कोरोना वायरस को सबसे पहले चीन के वुहान शहर में पाया गया था उसके बाद से दुनिया का कोई ऐसे कोना नही बचा जहा इस वायरस ने अपना कहर न बरपाया हो।इसी बात पर दुनिया असमंजस की स्थिति में है कुछ देश सीधे तौर पे मानते हैं कि कोरोना वायरस को चीन ने अपनी वुहान लैब में बनाया है और चीन को इसका हर्जाना देना होगा तो वहीं कुछ देश मानते है कि ये एक प्राकर्तिक वायरस है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल अमेरिका उन देशों में सबसे आगे है जहां कोरोना ने भयानक तबाही मचाई है व कई लोगों की जान ली है।अमेरिका में ही अब तक सर्वाधिक केस मिलें है और सर्वाधिक मृत्यु भी वही पर हुईं हैं।ऐसे में अमेरिका का गुस्सा होने जायज भी है।
जब कोरोना अमेरिका में फैला तब अमेरिका के
राष्ट्रपति ट्रम्प
थे और वे चीन के खिलाफ कोरोना को लेके काफी सख्त थे उनका सीधे तौर पे मानना था कि इस वायरस को चीन ने जानबूझकर दुनिया मे फैलाया और यह वायरस चीन की वुहान लैब में बना है।इसी वजह से ट्रम्प कोरोना को चीनी वायरस भी कहा करते थे।
अब जब कई सारे वैज्ञानिकों ने यह माना कि चीन के वुहान लैब से ही निकला है और चीन इसके विरुद्ध में पर्याप्त साक्ष्य भी नही दे पाया तो ट्रम्प ने कहा कि मैं सही था यह चीनी वायरस ही है और इसके लिए चीन को 10 लाख करोड़ का जुर्माना देना होगा।हालांकि अब ट्रम्प राष्ट्रपति नही है इसलिए इस पर फैसला अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ही करेंगे।
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World Environment Day 2021:पर्यावरण—यह केवल एक शब्द नही बल्कि इसी से जीवन संभव है।पृथ्वी पर अगर जीवन संभव है तो इसका सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण कारण पर्यावरण ही है,बिना इसके जीवन की कल्पना करना भी संभव नही है।हमारे पर्यावरण(environment) को संरक्षित व उसकी देखभाल करने के लिए ही विश्व पर्यावरण दिवस हर साल मनाया जाता है।
वैसे तो हमे प्रतिदिन अपने पर्यावरण की देखभाल करनी चाहिए क्योंकि इसी में न सिर्फ हमारी बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ी की भी भलाई है।यदि हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को एक बेहतर जीवन देना चाहते हैं तो सर्वप्रथम हमे उन्हें एक अच्छा पर्यावरण देना होगा।
आज के समय मे इंसान पैसा कमाने व तरक्की करने में इतना व्यस्थ हैं की उसके जीवन के लिए जो चीज सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है उसे ही नजरअंदाज कर रहा है।यदि जीवन मे स्वस्थ व सुखी रहने है तो पर्यावरण ही आपको ये सब दे सकता है फिर चाहे स्वच्छ हवा हो,शुद्ध जल हो या फिर
भोजन
ही क्यों न हो।पर्यावरण के बिना इन सबकी कल्पना करना भी मूर्खता है।
विश्व पर्यावरण दिवस का इतिहास:
विश्व पर्यावरण दिवस एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय इवेंट है जिसे पूरी दुनिया मे मनाया जाता है।इसकी शुरुआत आज से कई साल पहले 1972 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा की गई थी।दरअसल 1972 में संयुक्त राष्ट्र ने पर्यावरण को लेकर पहली एहम और बड़ी बैठक 5 जून से 16 जून के बीच बुलाई थी और इसी में यह तय हुआ कि हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस को मनाया जाएगा।इसी के बाद से 1974 से हर साल विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाने लगा।
विश्व पर्यावरण दिवस का महत्व:
विश्व पर्यावरण दिवस अपने आप मे एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण इवेंट है और ये सिर्फ कुछ देशों के लिए नही बल्कि हमारी पूरी दुनिया के लिए है क्योंकि एक पर्यावरण ही तो है जो हम सबको जोड़ के रखता है।इस दिन पूरी दुनिया मे कई बड़े कार्यक्रम,इवेंट्स,सेमिनार्स,जागरूकता अभियान,रैलियां आदि होती है और मानव को पर्यावरण को संरक्षित व उसकी देखभाल के लिए जागरूक किया जाता है व उसे उसके जीवन मे इसका महत्व भी बताया जाता है।
क्या है इस बार के विश्व पर्यावरण दिवस का थीम?
इस बार के विश्व पर्यावरण दिवस का थीम(theme) है: इकोसिस्टम रीस्टोरेशन(Ecosystem Restoration) अर्थात अपने आसपास के वातावरण व पर्यावरण को पुनर्जीवित करना।
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आज की भाग दौड़ भारी जिंदगी में लोग अपनी सेहत का ध्यान नहीं रख पाते न तो उनके पास कसरत(exercise) व योग(yoga) करना का समय होता है ना ही उनके खान पान का कोई ठिकाना होता है।ऐसे में मानव शरीर बीमारियों के केंद्र बन जाता है।
ऐसे में अपने शरीर का ध्यान रखने का व कसरत करने का सबसे अच्छा विकल्प साइकिलिंग(cycling) है।इससे शरीर मजबूत होता है साथ ही आपका
मेटाबोलिज्म(metabolism)
भी बढ़ता है।आज के समय मे जब महामारी ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया तब साइकिलिंग का महत्व और बढ़ जाता है
क्या है World Bicycle Day का इतिहास?
विश्व साईकिल दिवस(World Bicycle Day) हर साल 3 जून को मनाया जाता है।आज से तीन साल पहले अप्रैल 2018 में संयुक्त राष्ट्र महासभा(United Nations ) ने विश्व साईकल दिवस को हर साल 3 जून को मनाने का निर्णय किया था।
इस दिवस को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलवाने का श्रेय लेसजेक सिबिल्स्की के कैंपेन व तुर्कमेनिस्तान समेत 56 देशो को जाता है।
क्या है इसका महत्व?
इस दिवस को मनाने का मूल उद्देश्य है लोगों को जागरूक करना ताकि वो साईकल चला कर न सिर्फ अपना बल्कि पर्यावरण का भी ध्यान रखें।इसमे कोई सन्देह नही है कि साइकिलिंग से मानव का शरीर चुस्त व तंदरुस्त तो रहता ही है साथ ही इससे पर्यावरण को भी फायदा होता है।
स्वास्थ्य और पर्यावरण के अलावा साइकिलिंग का एक और फायदा है और वो यह है कि यह आपकी जेब ओर कभी भारी नही पड़ेगी साथ ही हर वर्ग का व्यक्ति इसका उपयोग कर सकता है।विश्व साईकल दिवस लोगो को प्रोत्साहित करता है कि वह अपने जीवन मे साईकल का प्रयोग जल्द से जल्द और ज्यादा से ज्यादा करें।
क्या है इस बार के विश्व साईकल दिवस की थीम?
विश्व साईकल दिवस की हर साल एक नई थीम(theme) होती है और उसी के आधार पे दुनिया भर में कार्यक्रम होते हैं।विश्व साईकल दिवस 2021 का थीम है : ‘यूनीकनेस, वर्सेटैलिटी, लॉन्गिविटी ऑफ द बाइसिकल एंड सिंपल, सस्टेनेबल, एफोर्डेबल मीन्स ऑफ ट्रांसपोर्टेशन’
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