सिलौड़ी क्षेत्र में विकास कम, विनाश ज्यादा हुआ : बदहाल सड़क पर पैदल चलना भी मुहाल, हादसे रोज़, प्रशासन मौन!
हिमांशु
Tue, Sep 15, 2026
सिलौड़ी क्षेत्र में विकास कम, विनाश ज्यादा हुआ: बदहाल सड़क पर पैदल चलना भी मुहाल, हादसे रोज़, प्रशासन मौन!
मध्य प्रदेश
कटनी
सिलौड़ी/अम्हेटा। शासन-प्रशासन के विकास के दावों की धज्जियां उड़ाती एक बेहद शर्मनाक तस्वीर सिलौड़ी से अम्हेटा मार्ग से सामने आई है। लगभग 2 किलोमीटर लंबा यह मुख्य मार्ग आज विकास की नहीं, बल्कि भारी विनाश और प्रशासनिक उदासीनता की कहानी बयां कर रहा है। स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि इस मार्ग पर अब वाहनों की बात तो दूर, पैदल चलना भी साक्षात मौत को दावत देने जैसा हो गया है। सड़क पूरी तरह से गहरे गड्ढों और दलदली कीचड़ में तब्दील हो चुकी है, जिसके कारण रोज़ाना दर्जनों वाहन चालक फिसलकर गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं।
नेताओं को नहीं दिख रही दुर्दशा: कहाँ गया विकास का पैसा?
क्षेत्र के जागरूक नागरिकों— सुशील अवस्थी, अभिषेक पटेल, अजय काछी और सतीश काछी ने अत्यंत आक्रोश व्यक्त करते हुए तीखे सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस नरक बन चुकी सड़क की शिकायत जिला स्तर तक कई बार लिखित और मौखिक रूप से की है। लेकिन मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और आला अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। जनता अब खुलेआम पूछ रही है कि आखिर "कहाँ गया विकास का पैसा?" क्या टैक्स भरने वाली जनता सिर्फ नेताओं के खोखले वादों और चुनावी भाषणों के भरोसे ही घिसटती रहेगी?
नौनिहालों का भविष्य दांव पर: कीचड़ के कारण बंद हो रहे स्कूल
इस बदहाली का सबसे दर्दनाक और सीधा असर देश के भविष्य, यानी स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है।
पढ़ाई का भारी नुकसान: अम्हेटा से रोज़ाना लगभग 50 से 60 छात्र-छात्राएं पढ़ाई करने के लिए सिलौड़ी आते हैं।
मजबूरन छुट्टियां: जब भी तेज बारिश होती है, यह पूरा मार्ग एक जानलेवा दलदल बन जाता है। कीचड़ इस कदर बढ़ जाता है कि बच्चों को मजबूरन स्कूल से छुट्टी करनी पड़ती है, जिससे उनकी पढ़ाई पूरी तरह चौपट हो रही है।
मरीजों की जान पर आफत, एम्बुलेंस का आना भी नामुमकिन
गाँव की स्वास्थ्य व्यवस्था इस सड़क के कारण पूरी तरह वेंटिलेटर पर आ गई है। यदि गाँव में कोई गंभीर रूप से बीमार हो जाए, किसी बुजुर्ग को हार्ट अटैक आ जाए या किसी गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा हो, तो उन्हें अस्पताल ले जाना किसी जंग जीतने से कम नहीं है। उबड़-खाबड़ गड्ढों और कीचड़ के कारण एम्बुलेंस गाँव के भीतर आने से कतराती है, जिससे समय पर इलाज न मिलने के कारण मरीजों की जान पर बन आती है।
मुख्य बिंदु और जनता के तीखे सवाल:
सड़क आज भी कीचड़ में: वर्षों बीत गए, लेकिन 2 किलोमीटर का यह टुकड़ा आज तक पक्का नहीं हो सका।
जनता को भारी परेशानी: किसान अपनी उपज मंडी नहीं ले जा पा रहे, दूध और राशन की गाड़ियां फंस रही हैं।
कई वर्षों से नहीं हुआ निर्माण: कागजों पर विकास की गंगा बह रही है, मगर धरातल पर सिर्फ कीचड़ और गड्ढे हैं।
जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौन: शिकायतें डस्टबिन में डाल दी जाती हैं और अधिकारी एयरकंडीशनर कमरों से बाहर नहीं निकलते।
अब बड़ा सवाल यह है कि... क्या इस बार भी जनता को सिर्फ खोखले वादे ही मिलेंगे या इस नरक से मुक्ति भी मिलेगी? क्षेत्र की समस्त जनता, किसानों और युवाओं ने साफ चेतावनी दी है कि शासन-प्रशासन तुरंत कुंभकर्णी नींद से जागे, और सिलौड़ी से अम्हेटा मार्ग का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू करे। यदि जल्द ही सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ, तो पूरी जनता सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन और चक्का जाम करने के लिए बाध्य होगी।
Mpnewslive.
कटनी जिला रिपोर्टर हिमांशु
Tags :
Mpnewslive CMmohan yaday
Bhopal Updates
Mpnewslive Katni
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन