: भारत मे मानसून की दस्तक,जानिए इस बार भारत में कैसा रहेगा मानसून
Thu, Jun 3, 2021
भारत में लोग इस समय तपती गर्मी से झूझ रहें हैं और मानसून(monsoon) का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं ऐसे में भारत के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है।भारत मे मानसून की दस्तक दे दी।इसकी शुरुआत दक्षिण भारत(South India) से हुई।
दरअसल मानसून ने केरल(Kerala) में दस्तक दे दी है और इसके साथ ही भारत मे मानसून का आगमन हो गया है।मौसम विभाग(IMD) के मुताबिक केरल के दक्षिण हिस्सों में दक्षिण पश्चिमी मानसून सक्रिय हो चुका है।
आपको बताते चलें कि पिछले 4-5 दिनों से केरल में प्री मानसून(pre-monsoon) बारिश हो रही है।भारत के अन्य दक्षिण राज्यों में भी हल्की हल्की बारिश हो रही है जो कि मानसून आने का संकेत है।मौसम विभाग के मुताबिक सबसे पहले 21 मई को मानसून ने
अंडमान(Andman)
में दस्तक दी थी।
कैसा रहेगा इस साल भारत मे मानसून?
मौसम विभाग के मुताबिक इस बार मानसून अच्छा रहेगा।वैसे इस साल मानसून ने भारत मे सामान्य से दो दिन देर से दस्तक दी,हालांकि इस बार भारत मे मानसून सामान्य से कहि ज्यादा अच्छा रहेगा।
मौसम विभाग का मानना है कि इस साल अल-नीनो(Al-Nino) कमजोर रहेगी जिससे कि मानसून अच्छा होने की संभावना बढ़ जाती है।इस तरह का मौसम और मानसून सबसे ज्यादा खेती और फसलों के लिए फायदेमंद होता है।
मौसम विभाग के अनुमान से देखे तो सबसे अधिक वर्षा मध्य भारत मे होने की संभावना हैं तो वही सबसे कम वर्षा उत्तर-पूर्व भारत मे देखने को मिल सकती है।उत्तर-पश्चिम में सामान्य वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
क्या है अच्छे मानसून के मापदंड?
यदि किसी क्षेत्र में 96 फीसदी से लेके 104 फीसदी तक वर्षा होती है तो उसे सामान्य मानसून कहा जाता है।मौसम विभाग ने इस बार भारत मे 101 फीसदी बारिश होने की संभावना जताई है तो वही एक निजी एजेंसी के मुताबिक भारत मे इस वर्ष 103 फीसदी वर्षा होगी जो कि एक अच्छी बात है।
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: 5G को लेके कोर्ट पहुंची जूही चावला,जाने क्या है पूरा मामला
Wed, Jun 2, 2021
5G को लेके देश मे कई विवाद खड़े हो चुके और कई लोगों में 5G को लेके कई सारे सवाल व असमंजस की स्तिथि है।कई बार इसको लेके अफवाह भी फैलाई गयीं है और कोरोना के समय मे लोगो केमन 5G को लेके डर का माहौल है।ऐसे में 5G को लेके एक और विवाद खड़ा हो गया है।
दरअसल, अभिनेत्री जूही चावला 5G को लेके कोर्ट पहुँच गयी हैं और एक नए विवाद को जन्म दे दिया।जूही चावला ने दिल्ली हाइकोर्ट में 5G के खिलाफ याचिका दर्ज की गई है।याचिका में देश के नागरिकों पर 5G ट्रायल(trial) के भूरे प्रभाव के बारे में अदालत को अवगत कराया गया है अथवा पूरी जांच के बाद ही इसके ट्रायल को आगे बढ़ने के लिए कहा गया है।
क्या है पूरा मामला?
जैसे कि हमने आपको पहले बताया 5G को लेके देश मे कई बार विवाद खड़े हो चुकें है और इसका प्रमुख कारण है 5G से होने वाला
रेडिएशन
(radiation)।दरअसल लोग मानते हैं कि 5G से काफी मात्रा में रेडिएशन निकलता है जो कि न केवल पशु-पक्षियों बल्कि मनुष्यों के लिए भी खतरनाक है।
लोगो का तो ये भी मानना है कि 5G से बच्चों के मस्तिष्क नमे गहरा असर पड़ता है व वृद्धों के लिए ये किसी श्राप से कम नही।अब ये सभी बातें या तो अफवाह के रूप में फैलाई गयीं है या फिर लोगो की अपनी निजि सोंच है।अभी तक विश्व के किसी भी वैज्ञानिक ने इनमे से किसी भी बात की पुष्टि नही की।
इसी प्रकार जूही चावला का भी मानना है कि हमें नई टेक्नोलॉजी(technology) को जरूर अपनाना चाहिए पर जन-जीवन को हानि पहुंचा कर नही।उनका पक्ष ये है कि 5G को लागू या उसके ट्रायल को मंजूरी देने से पहले इस बात पर गहराई से अध्यन व शोध होना चाहिए कि 5G से किसी भी प्रकार से मानव जाति,पशु-पक्षियों,वनस्पतियों और पर्यावरण को किसी भी प्रकार से हानि या नुकसान न हो।
भारत मे क्या हैं 5 कि स्तिथि?
जहां कई देशों में 5G सेवा शुरू भी हो गयी है भारत मे इसे पूरी तरह से शुरू होने में 2-3 साल लग सकते हैं।भारत मे 5G अभी बहुत शुरुआती प्रक्रिया में हैं और अभी कुछ सप्ताह पहले ही इसके ट्रायल को मंजूरी दी गयी।अभी इसके ट्रायल शुरू होने में थोड़ा समय है।हालांकि कंपनियों ने अपनी तरफ से 5G को लेके पूरी तैयारी कर ली हैं।
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: CBSE 12वीं की परिक्षा रद्द,PM Modi ने कहा बच्चों की सुरक्षा सबसे जरूरी
Wed, Jun 2, 2021
महीनों से चली आ रही अटकलों के बीच PM Modi की अध्यक्छता में चली एक लंबी बैठक ने एक एहम फैसला लिया। PM Modi ने मंगलवार को चली एक लंबी और महत्वपूर्ण बैठक में CBSE 12वीं की परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया।
आपको बतातें चलें कि CBSE ने देश मे कोरोनॉ की विकट स्थिति को देखते हुए सबसे पहले 10वीं की परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया था जिसके बाद ही धीरे धीरे अन्य राज्य सरकारों ने अपने अपने राज्यों में 10 कई परक्षा रद्द कर दी थी।
CBSE व अन्य सभी राज्य सरकारों ने 12 की परीक्षा रद्द न करके आगे बढ़ाने का फैसला लिया था और आगे की स्थिति को देखकर की परीक्षा कराने का निर्णय लिया था।इससे करीब दो महीनों से लाखों छात्रों के मन मे जो परीक्षा को लेके सवाल व संदेह थे उनपर आज विराम लग गया।
जानिए विस्तारबसे पूरा घटनाक्रम:
मार्च व अप्रैल में 10वीं व 12वीं की परीक्षाएं होनी थी लेकिन उसी वक्त कोरोनॉ ने अचानक से अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया और जितनी भी परीक्षाएं होने थी सभी को या तो आगे बढ़ दिया गया या तो राड़बकर दिया गया।
परीक्षाओं को लेके अनेक छात्रों व उनके अभिभावकों में डर था और परीक्षा पर आगे का फैसला जून में लिया जाना था।लेकिन
कोरोना
रुकने का नाम नही ले रहा था और स्थिति जस की तस बनी हुई थी।ऐसे में सबसे ज्यादा डर छात्रों की सुरक्षा को लेकर था।
PM Modi व CBSE ने आखिर में बच्चों के पक्ष में फैसला लिया और छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एक एहम फैसला लिया। PM Modi ने कहा कोरोना काल में बच्चो को परीक्षा का तनाव देना उचित नही और हम छात्रों की जान व उनके भविष्य को खतरे में डाल नही सकते।
छात्रों का परिणाम जल्द से जल्द व अछि तरह से परिभाषित उद्देश्य मानदंड के तहत निकल जायेगा।
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