: RSS प्रमुख मोहन भागवत का ब्लू टिक वापस लौटा, Twitter ने सुधारी गलती।
Sat, Jun 5, 2021
RSS प्रमुख मोहन भागवत का ब्लू टिक वापस लौटा । Twitter ने राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत के Twitter अकाउंट से ब्लू टिक हटा दिया था। दरअसल इससे पहले Twitter ने शनिवार की सुबह
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू
के ट्विटर अकाउंट से ब्लू टिक हटा दिया था। जिसके बाद आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, संघ के नेता कृष्ण गोपाल समेत कई अन्य संघ कार्यकर्ताओं के Twitter अकाउंट से भी ब्लू टिक हटा दिया गया था। उपराष्ट्रपति के Twitter अकाउंट से ब्लू टिक हटाए जाने के बाद विवाद काफी बढ़ गया था। जिसके बाद Twitter ने वेंकैया नायडू के अकाउंट का ब्लू-टिक री स्टोर कर दिया था।
अब Twitter ने एक बार फिर अपनी गलती सुधारी है। उसने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, संघ के नेता कृष्ण गोपाल समेत अन्य सभी संघ नेताओं के Twitter अकाउंट पर लगे ब्लू टिक को वापस कर दिया है। मोहन भागवत और कृष्ण गोपाल के अलावा जिन संघ नेताओं के ट्विटर अकाउंट से ब्लू टिक हटाया गया था उनमें सुरेश सोनी, अरुण कुमार और सुरेश जोशी जैसे लोग शामिल थे।
मोहन भागवत का ट्विटर अकाउंट मई 2019 में बना गया था। ट्विटर से ब्लू टिक हटाने का मतलब होता है कि ट्विटर ने उस अकाउंट को अनवेरिफाई कर दिया है। ट्विटर के नियमों के मुताबिक, अकाउंट को चालू रखने के लिए हर छह महीने में लॉग इन करना जरूरी है और प्रोफाइल को अपडेट करना जरूरी है। वहीं वेंकैया नायडू के ट्विटर अकाउंट से ब्लू टिक हटाने के बाद ट्विटर की ओर से यही सफाई दी गई थी कि वेंकैया नायडू के ट्विटर हैंडल को पिछले छह महीने में लॉग इन नहीं किया गया था।
उपराष्ट्रपति और मोहन भागवत के ट्विटर अकाउंटर से ब्लू टिक हटाए जाने के बाद देश भर में ट्विटर का विरोध शुरू हो गया था। कहा जा रहा था कि केंद्र सरकार भी ट्विटर पर कड़ा एक्शन लेने के मूड में है। जिसके बाद आखिरकार ट्विटर को अपनी गलती सुधारनी पड़ी है।
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: Amul vs PETA:Amul ने PETA पर प्रतिबंध लगाने के लिए प्रधानमंत्री से किया निवेदन।
Sat, Jun 5, 2021
अभी कुछ दिन पहले ही Amul व PETA में वीगन(vegan) दूध को लेकर विवाद हुआ था।दरसल PETA ने देश की सबसे बड़ी डेयरी कंपनी Amul से वीगन दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स(dairy products) का बिज़नेस शुरू करने के लिए कहा था जसीके बाद दो बड़ी संस्थाओं में विवाद खड़ा हो गया था।अब ये विवाद और आगे बढ़ गया है और Amul ने PETA पर प्रतिबंध लगाने ने प्रधामंत्री से निवेदन किया है।
मीडिया सूत्रों के मुताबिक इस विवाद के बाद अमूल के चेयरमैन ने प्रधानमंत्री मोदी को एक पत्र लिखा जिसमे यह निवेदन किया गया कि PETA पर प्रतिबंध लगाया जाए।उनका कहना है कि PETA का मूल उद्देश्य विदेशी कंपनियों द्वारा बनाये जाने वाले सिंथेटिक मिल्क का प्रचार प्रसार करना है।
उन्होंने पत्र में ये भी लिखा कि PETA इस व्यवहार से भारत के डेयरी सेक्टर की बदनामी हो रही है और इसका गंभीर असर देश की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा।आपको बताते चलें कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक व डेयरी प्रोडक्ट्स का निर्यातक देश है।ऐसे में भारत का डेयरी सेक्टर ने सिर्फ भारत मे बल्कि पूरी दुनिया काफी बड़ा और महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
क्या है Amul और PETA में विवाद?
दरसल PETA India चाहता है कि Amul वीगन मिल्क यानी डेयरी मुक्त दूध का उत्पादन शुरू करदे और सिंथेटिक मिल्क के बाजार में अपना हाथ आज़माये।PETA India का सुझाव है कि देश की आबादी को देखते हुए व पशु व पर्यावरण के कल्याण हेतु Amul को वीगन मिल्क को बढ़ावा देना चाहिए।
Amul ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि PETA
सिंथेटिक मिल्क
को बढ़ावा देके 10 करोड़ लोगों की आजीविका को बर्बाद करना चाहता है।भारत मे डेयरी सेक्टर से करोड़ों लोग जुड़े हुए और देश के किसी भी कोने में जानवरों के साथ क्रूरता नहीं की जाती।भारत मे सभी लोग चाहे वो इस सेक्टर से जुड़ें हो या न वे पाशों को अपने परियर का सदस्य मानते है और हमारी संस्कृति भी हमे यही शिक्षा देती है।
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: आत्मनिर्भर भारत:भारत ने 108 रक्षा उपकरणों के आयात पर लगाया प्रतिबंध
Fri, Jun 4, 2021
भारत को दुनिया की एक उभरती हुई महाशक्ति(superpower) के रूप में देखा जा रहा है और इसमे कोई दो राय नही है।भारत दुनिया का चौथा सबसे शक्तिशाली देश है और एक परमाणु सम्पन्न(nuclear capable) देश भी है।ऐसे में भारत पूरी तरह से हथियारों व रक्षा उपकरणों के मामले में अन्य देशों पर अपनी निर्भरता कम करना चाहता है।इसी की वजह से ही भारत सरकार ने आत्मनिर्भर भारत जैसे महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है।
आत्मनिर्भर भारत के तहत देश मे ही बनेंगें 108 रक्षा उपकरण व हथियार:
भारत ने पिछली साल ही कई रक्षा उपकरणों व हथियारों के आयात(import) पर प्रतिबंध लगा दिए थे और ये अब दूसरी सूची जारी की है जिसमें की कुल 108 रक्षा उपकरण व हथियार है जिनके आयात पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।आपको बताते चलें कि पिछली सूची में 101 रक्षा उपकरणों के आयात पर प्रतिबंध लगाया गया था।
इस सूची में काफी उन्नत तकनीक(advance technique) वाले हथियारों,रक्षा प्रणालियों अथवा के रक्षा उपकरणों को शामिल किया गया है जिन्हें अब पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से भारत में निर्मित किया जाएगा।इस सूची में हेलिकॉप्टर्स(helicopters),नई पीढ़ी के युद्धक पोत(Corvette),राडार(radar), मध्यम रेंज के डिफेंस सिस्टम(MRSAM),और कई अन्य उन्नत व नई पीढ़ी के रक्षा उत्पाद शामिल हैं।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत से दुनिया को भी फायदा:
भारत रक्षा क्षेत्र में पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनना चाहता है और इसमें न सिर्फ भारत को बल्कि पूरी दुनिया को फायदा है।इस समय पूरी दुनिया हथियारों व रक्षा उपकरणों के मामले में दो हिस्सों में बीती हुई है उसमें एक तरफ हैं अमेरिका तो दूसरी तरफ है रूस।
यदि किसी भी देश को कोई रक्षा उपकरण व हथियार चाहिए तो या तो वो रूस के पास जाए या फिर अमेरिका के पास और एक से रक्षा उपकरण या कोई भी हथियार खरीदना मतलब दूसरे से दुश्मनी ऐसे में दुनिया मे केवल एक मात्र देश भारत है जिसके
रूस
व अमेरिका दोनों के साथ ही अच्छे संबंध है।ऐसे में भारत रक्षा उपकरणों व हथियारों के लिए एक अच्छा विकल्प होगा।
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