सागर शहर : कलश यात्रा के साथ शुरू हुई शिव महापुराण कथा, मकरोनिया में निकली भव्य कलश यात्रा, पीले वस्त्रों में शामिल हुईं सैकड़ों मह
मुकेश हरयानी डिवीजन हेड एमपी न्यूज लाइव जिला सागर
Sat, Aug 22, 2026
कलश यात्रा के साथ शुरू हुई शिव महापुराण कथा, मकरोनिया में निकली भव्य कलश यात्रा, पीले वस्त्रों में शामिल हुईं सैकड़ों महिलाएं
शिवलिंग निर्माण करने से भक्त की दिशा और दशा बदल जाती है-- केशव गिरी जी महाराज
सागर/ उपनगरीय क्षेत्र मकरोनिया में बटालियन के पीछे स्थित वैदिक वाटिका में पवित्र श्रावण माह के अवसर पर विश्व एवं राष्ट्र कल्याण की भावना से अनंत श्री विभूषित ब्रह्मलीन गृहस्थ संत पंडित श्री देव प्रभाकर शास्त्री दद्दा जी महाराज की कृपा एवं प्रेरणा से पूज्य गृहस्थ संत केशव गिरी महाराज जी की पावन सानिध्य में सागर सांसद डॉ. लता गुड्डू वानखेड़े द्वारा श्री शिव महापुराण कथा एवं असंख्य शिवलिंग निर्माण का आयोजन कराया जा रहा है। आयोजक वैदिक वानखेड़े ने बताया आयोजन की शुरुआत शुक्रवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुई। यात्रा भगवान श्री परशुराम मंदिर से प्रारंभ होकर जनकपुरी कॉलोनी स्थित राम दरबार मंदिर पहुंची, जहां पूजा-अर्चना के बाद वैदिक वाटिका कथा स्थल पहुंचकर संपन्न हुई।
कलश यात्रा में सबसे आगे पीली धर्म पताका चल रही थी। इसके पीछे अपने सिर पर शिव महापुराण ग्रंथ रखे गुड्डू वानखेड़े और मंगल कलश धारण किए सांसद डॉ. लता वानखेड़े चल रही थीं। दोनों के बीच परम पूज्य गुरुदेव केशव गिरी जी महाराज चल रहे थे। उनके पीछे सैकड़ों की संख्या में पीले वस्त्र धारण किए महिलाएं सिर पर कलश रखकर तथा धर्म प्रेमी बंधु ‘बम-बम भोले’ के जयघोष के साथ चल रहे थे। यात्रा वैदिक वाटिका पहुंची, जहां महंत केशव गिरी जी महाराज के विद्वान पंडितों ने विधि-विधान से पूजन कराया।
इस अवसर पर केशव गिरी जी महाराज ने कहा कि भगवान शिव ऐसे देवता हैं कि जिसने जहां बनाया, वहीं के हो गए और जिसने बनाया, उसी के हो गए। इसलिए भगवान राम, माता पार्वती, वायु देवता, अग्नि देव सहित सभी देवताओं ने शिवलिंगों का निर्माण कराया। शिवलिंग निर्माण से भगवान शिव की भक्त पर कृपा होती है और उसकी दशा व दिशा दोनों बदल जाती हैं।
उन्होंने कलश यात्रा और कलश के महत्व को समझाते हुए कहा कि कलश के अग्रभाग में भगवान नारायण, कंठ में भगवान शिव तथा तलहटी में भगवान ब्रह्मा और चारों वेदों का वास माना गया है। कलश के बाहरी भाग में 33 कोटि देवताओं का वास होता है। इसलिए जो व्यक्ति कलश यात्रा में पहुंचकर कलश को मस्तक पर धारण करता है, मानो उसने समस्त तीर्थ और देवताओं को अपने मस्तक पर धारण कर लिया। मान्यता है कि कलश रूपी भगवान के चरण मस्तक पर धारण करने से जीवन के पापों का नाश होता है और जीवन सार्थक होता है। कलश यात्रा में एक-एक कदम चलने से अनेक यज्ञों का फल सहज ही प्राप्त होता है।
कलश यात्रा के समापन पर सागर सांसद डॉ. गुड्डू वानखेड़े ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दादाजी की कृपा से उन्हें यह अवसर प्राप्त हुआ है। परम पूज्य गृहस्थ संत केशव गिरी जी महाराज के सानिध्य में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में सभी धर्मप्रेमी बंधु पहुंचकर शिवलिंग निर्माण करें और शिव महापुराण कथा का श्रवण करें। पांच दिनों तक लगातार बहने वाली धर्म की गंगा में सभी श्रद्धालु अवश्य डुबकी लगाएं।
कथा की आयोजक सांसद डॉ. लता गुड्डू वानखेड़े ने धर्मप्रेमी बंधुओं से 26 अगस्त तक चलने वाली शिव महापुराण कथा का श्रवण कर धर्म लाभ लेने की अपील की।
कार्यक्रम में बीना विधायक श्रीमती निर्मला सप्रे, सागर विधायक श्री शैलेंद्र जैन की धर्मपत्नी श्रीमती अनुश्री जैन, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री श्याम तिवारी की धर्मपत्नी श्रीमती नीतू तिवारी, एसबीएन के कुलपति श्री अनिल तिवारी, श्रीमती प्रतिभा तिवारी, युवा उद्योगपति श्री कुलदीप सिंह राठौड़, श्री उत्तम सिंह ठाकुर, श्री अर्पित पांडे, श्री राजेश केसरवानी, श्री नरेश यादव, राजा रिछारिया, अभिषेक गौर, सुधांशु तिवारी, हेमंत पचौरी, इंजी. महेंद्र गोस्वामी,राम दरबार महिला मंडल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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