बाल सुरक्षा, शिक्षा, बाल विवाह रोकथाम और जेंडर समानता पर जिला स्तरीय : सीईओ जिला पंचायत ने दिलाई 'बाल विवाह मुक्त भारत' की शपथ, कहा— बच्चों के अधिकारों की रक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी
पवन श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ कटनी
Fri, Jul 31, 2026
बचपन सुरक्षित होगा, तभी विकसित होगा सशक्त भारत

मिशन वात्सल्य के तहत बाल सुरक्षा, शिक्षा, बाल विवाह रोकथाम और जेंडर समानता पर जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित
सीईओ जिला पंचायत ने दिलाई 'बाल विवाह मुक्त भारत' की शपथ, कहा— बच्चों के अधिकारों की रक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी
कटनी - बच्चों को सुरक्षित, शिक्षित और समान अवसरों वाला भविष्य उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मिशन वात्सल्य के अंतर्गत जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन जिला पंचायत सभाकक्ष में किया। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण में बाल सुरक्षा, बाल शिक्षा, बाल स्वास्थ्य, बाल विवाह रोकथाम, जेंडर समानता और बाल अधिकारों से जुड़े विषयों पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने कहा कि किसी भी समाज का भविष्य उसके बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक कुरीति नहीं, बल्कि बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए गंभीर चुनौती है। इसे रोकना समाज और प्रशासन दोनों की साझा जिम्मेदारी है।
बाल विवाह मुक्त भारत' का लिया संकल्प
प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रतिभागियों ने 'बाल विवाह मुक्त भारत' के निर्माण का संकल्प लेते हुए शपथ ग्रहण की। अधिकारियों से आह्वान किया गया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में बाल विवाह की रोकथाम, बाल अधिकारों के संरक्षण और बच्चों के प्रति संवेदनशील वातावरण तैयार करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
जेंडर समानता से ही बनेगा समावेशी समाज
प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में शासकीय कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात ने जेंडर समानता एवं लैंगिक संवेदनशीलता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि बालक और बालिका को शिक्षा, स्वास्थ्य, अवसर और सम्मान का समान अधिकार मिलना ही वास्तविक सामाजिक विकास की पहचान है। समाज में महिलाओं और बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने की आवश्यकता पर भी उन्होंने विशेष बल दिया।
बाल विवाह रोकथाम के कानूनी प्रावधानों की दी जानकारी
महिला एवं बाल विकास विभाग की सहायक संचालक सुश्री वनश्री कुर्वेती ने 'बाल विवाह मुक्त भारत अभियान' की जानकारी देते हुए बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 के प्रमुख प्रावधानों को लघु फिल्म और प्रस्तुति के माध्यम से समझाया। उन्होंने बताया कि समय पर सूचना और सामुदायिक सहभागिता से बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।
पॉक्सो अधिनियम और बाल संरक्षण पर हुआ विस्तृत प्रशिक्षण
बाल संरक्षण अधिकारी श्री मनीष तिवारी ने पॉक्सो अधिनियम-2012 के बाल हितैषी प्रावधानों, विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों तथा बाल संरक्षण व्यवस्था पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, आपातकालीन सेवा 112, महिला हेल्पलाइन 1091 तथा पॉक्सो ई-बॉक्स जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं के बारे में भी अवगत कराया।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री योगेश सिंह बघेल एवं सदस्य श्री दुर्गेश शर्मा ने किशोर न्याय अधिनियम और बाल संरक्षण तंत्र की भूमिका पर प्रकाश डाला। वहीं अनुसूचित जाति एवं जनजातीय कार्य विभाग के जिला संयोजक श्री विमल चौरसिया ने शिक्षा के अधिकार और बच्चों के सर्वांगीण विकास में प्रशासन की भूमिका पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए।
बहु-विभागीय समन्वय से मजबूत होगी बाल संरक्षण व्यवस्था
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, श्रम, उच्च शिक्षा, सामाजिक न्याय तथा अनुसूचित जाति एवं जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर बाल सुरक्षा, बाल अधिकार संरक्षण और बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में साझा एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार करना रहा।
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