अवैध शराब के खिलाफ पोड़ी खिरवा में महिलाओं का चक्काजाम : भाजपा सरकार और आबकारी विभाग पर उठे गंभीर सवाल
हिमांशु
Fri, Sep 11, 2026
अवैध शराब के खिलाफ पोड़ी खिरवा में महिलाओं का चक्काजाम, भाजपा सरकार और आबकारी विभाग पर उठे गंभीर सवाल
मध्य प्रदेश
ढीमरखेड़ा (कटनी):क्षेत्र में पैर पसार चुके अवैध शराब के कारोबार और प्रशासनिक बेरुखी के खिलाफ शुक्रवार सुबह ग्रामीण महिलाओं का आक्रोश फूट पड़ा। पोड़ी खिरवा के मुख्य मार्ग पर सैकड़ों महिलाओं ने एकजुट होकर चक्काजाम कर दिया। हाथों में बैनर-तख्तियां लिए महिलाएं "अवैध शराब बिक्री बंद करो" और "आबकारी प्रशासन होश में आओ" जैसे तीखे नारे लगा रही थीं। इस अचानक हुए प्रदर्शन से मार्ग के दोनों ओर बसों, ट्रकों और दुपहिया वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
प्रशासनिक आश्वासन पर अड़ीं महिलाएं:
घटना की सूचना मिलते ही ढीमरखेड़ा थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने महिलाओं को समझाने और जाम खुलवाने का प्रयास किया। हालांकि, प्रदर्शनकारी महिलाएं ढीमरखेड़ा तहसील की दुकानों से होने वाली अवैध शराब की पैकारी पर पूरी तरह रोक लगाने और दोषियों पर लिखित कार्रवाई के आश्वासन पर अड़ी रहीं।
विधायक के पत्र पर कार्रवाई न होने से उठे सवाल:
मामले में राजनीतिक और प्रशासनिक इच्छाशक्ति पर भी बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। बड़वारा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह ने स्वयं पुलिस अधीक्षक (SP) को इस संबंध में लिखित शिकायत दी थी। इसके बावजूद आज तक संबंधित शराब ठेकेदार पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे क्षेत्र की जनता में यह चर्चा तेज है कि क्या यह पत्र केवल लोगों को गुमराह करने का एक दिखावा था? प्रशासनिक निष्क्रियता के कारण अब वर्तमान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार और आबकारी विभाग पर अवैध कारोबार को मूक संरक्षण देने के गंभीर आरोप लग रहे हैं।
सागर हादसे के बाद भी आबकारी विभाग लापरवाह:
हाल ही में सागर जिले में जहरीली शराब के सेवन से कई लोगों की जान जा चुकी है। इस बड़े हादसे के बाद भी ढीमरखेड़ा में आबकारी विभाग और स्थानीय राजनेताओं की नींद नहीं टूटी है। हैरान करने वाली बात यह है कि सागर हादसे के तुरंत बाद ढीमरखेड़ा तहसील में देशी शराब को आधी कीमत पर बेचा गया। इतनी कम कीमत पर शराब बेचे जाने से उसकी गुणवत्ता और मिलावट को लेकर गंभीर संशय बना हुआ है, लेकिन आबकारी विभाग पूरी तरह मूकदर्शक बना बैठा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि राजनेताओं और आबकारी विभाग की इस अनदेखी से साफ है कि सरकार के राजस्व और ठेकेदारों के मुनाफे के आगे आम जनता की जान-माल की कोई अहमियत नहीं रह गई है।
Mpnewslive.
कटनी जिला रिपोर्टर हिमांशु
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