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: हीरे की खदान के लिए मध्य प्रदेश के buxwaha जंगल में काटे जाएंगे दो लाख पेड़,पेड़ों को बचाने के लिए लाखों लोग आए एक साथ

admin

Sun, Jun 13, 2021
हीरे की खदान के लिए मध्य प्रदेश के buxwaha जंगल में काटे जाएंगे दो लाख पेड़,पेड़ों को बचाने के लिए लाखों लोग आए एक साथ

कहते हुए दुख हो रहा है कि भारत जैसा देश जो हमेशा मानवता के लिए सबसे आगे खड़ा दिखाई देता है आज वहीं पर्यावरण के साथ खिलवाड़ हो रहा है।दरअसल भारत के मध्य प्रदेश में हीरे की खदान के लिए buxwaha जंगल मे दो लाख से ज्यादा पेड़ों को काटा जाएगा।बेहद दुखद बात है कि हीरों के लिए हम लाखों पेड़ों की बलि चढ़ा देंगे।

पेड़ है तो जीवन है और इसका कोई और विकल्प मौजूद नही और न ही हम इस बात से इनकार कर सकते हैं।आज की दुनिया में चाहे देश हों या चाहे आदमी सबको पैसा चाहिए चाहे इसके लिए कुछ भी करना पड़े।लोगों को उनकी सेहत की और देशों को उनकी आबादी की कोई परवाह नही बस मतलब है तो सिर्फ पैसे से।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल मध्य प्रदेश के बकस्वाहा जंगल मे 3.42 करोड़ कैरट के हीरो की खदान है अब जाहिर सी बात है जंगल है तो वहां पेड़ भी होंगे और उन्ही पेड़ों की बली चढ़ाके खनन का कार्य शुरू होगा।आपको बता दें कि 382.131 हेक्टेयर की जमीन पर खनन का काम होना है और इसी जमीन और करीब 2 लाख 15 हज़ार 875 पेड़ है।

यह पूरा मामला मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले का है जहाँ बकस्वाहा के जंगलों में बंदर हीरा खदान का प्रोजेक्ट चल रहा है और सरकार इसको लेके काफी एक्टिव दिख रही है और पेड़ों की बलि देने पर तुली हुई है।बताया जा रहा है कि यह जमीन 50 साल के लिए आदित्य बिरला समूह के पास है और यहां पर हीरे है इसको ओट लगाने के लिए 20 साल पहले सर्वे शुरू हुआ था।

पेड़ों को बचाने की कवायद तेज,ऑनलाइन अभियान में लोग बढ़ चढ़ कर ले रहे हिस्सा

भारत को महान देश ऐसे ही नही कहा जाता यहां के लोग मानवता,दया,प्रेम और करुणा के लिए जाने जाते हैं और इस बार भी ऐसा ही हुआ है लाखों लोग इस प्रोजेक्ट के विरोध में उतर आएं हैं और बढ़ चढ़ कर सेव बकस्वाहा जंगल अभियान में हिस्सा ले रहें है।यह मुद्दा अब स्थानीय लोगों तक सीमित नही रहा है व इस प्रोजेक्ट के खिलाफ व पेड़ों को बचाने के लिए पूरे देश से लोग आवाज़ उठा रहें है और पेड़ों को बचाने की शपथ तक ले रहें है।

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