महासमुंद : जांच पर उठे सवाल: शिकायतकर्ता ने आदिवासी विकास विभाग महासमुंद पर लगाए एकतरफा जांच के आरोप?
फिरोज खान संभाग प्रमुख रायपुर
Mon, Jul 27, 2026
महासमुंद। अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र की जांच को लेकर आदिवासी विकास विभाग एक बार फिर सवालों के घेरे में है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्होंने दस्तावेजों में दर्ज विभिन्न जानकारियों के आधार पर जांच की मांग की थी, लेकिन विभाग ने अनावेदक द्वारा उपलब्ध कराए गये दस्तावेजों का हवाला देकर शिकायत को निराधार बताते हुए प्रकरण समाप्त कर दिया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि उनके आवेदन में कई बिंदुओं पर जांच का अनुरोध किया गया था, जिनमें स्थाई जाति प्रमाण पत्र में पिता के के जगह पति का नाम होना पाया गया था जिसकी वैधता की जांच तह अलग-अलग दस्तावेजों में दर्ज विवरणों की सत्यता भी शामिल थी। उनका आरोप है कि विभाग ने इन सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच किए बिना जिला स्तरीय समिति के निर्णय का हवाला देकर मामला बंद कर दिया।
वहीं, आदिवासी विकास विभाग द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि जिला स्तरीय जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति ने उपलब्ध अभिलेखों का परीक्षण किया और संबंधित शिक्षिका को अनुसूचित जनजाति वर्ग का मानते हुए शिकायत को निराधार पाया तथा प्रकरण समाप्त करने का निर्णय लिया।
शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है। वहीं विभाग की ओर से जारी आदेश में जांच प्रक्रिया को नियमानुसार बताते हुए मामला समाप्त माना गया है।
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