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प्रशासनिक लापरवाही: बसना के किसानों का 1.78 करोड़ का मुआवजा अटका : महासमुंद जिला के विकासखण्ड बसना का मामला

फिरोज खान संभाग प्रमुख रायपुर

Wed, Dec 17, 2025

प्रशासनिक लापरवाही: बसना के किसानों का 1.78 करोड़ का मुआवजा अटका, तहसीलदार का आश्वासन निकला खोखला

बसना (छत्तीसगढ़): विकास खंड बसना के सैकड़ों किसान आज भी अपने हक के मुआवजे के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। पिछले रबी (ग्रीष्मकालीन) सीजन में प्राकृतिक आपदा के कारण धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी, जिसका मुआवजा राशि शासन द्वारा जारी किए जाने के तीन महीने बाद भी किसानों के खातों तक नहीं पहुंच पाया है।

राजस्व कार्यालय में जमा है राशि, फिर भी किसान खाली हाथ

​जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ शासन ने प्रभावित किसानों के लिए 1 करोड़ 78 लाख रुपये की मुआवजा राशि लगभग तीन महीने पहले ही राजस्व कार्यालय बसना में जमा करा दी है। बावजूद इसके, विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली के कारण यह राशि अब तक किसानों को आवंटित नहीं की गई है।

तहसीलदार का 10 दिन का वादा हुआ फेल

​पीड़ित किसानों ने बताया कि उन्होंने मुआवजे की मांग को लेकर 1 दिसंबर 2025 को माननीय तहसीलदार से मुलाकात की थी। उस समय तहसीलदार ने किसानों को स्पष्ट आश्वासन दिया था कि 10 दिनों के भीतर भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

​आज इस वादे को बीते हुए पखवाड़े से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन किसानों के खातों में फूटी कौड़ी भी नहीं आई है।

किसानों में आक्रोश: "अगली फसल के लिए नहीं है पैसे"

​बसना विकास खंड के कृषकों का कहना है कि फसल पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने से वे आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मुआवजे का भुगतान नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

"शासन से पैसा आए तीन महीने बीत गए। तहसीलदार साहब ने 10 दिन का समय मांगा था, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। हम कर्ज में डूबे हैं, प्रशासन हमारी सुध नहीं ले रहा है।" > — प्रभावित किसान, विकास खंड बसना


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