: PM Modi ने किया वैक्सीन नीति में बदलाव,किये कई बड़े ऐलान,जानिए सब कुछ
Tue, Jun 8, 2021
भारत मे कोरोना की दूसरी लहर ने पूरे देश मे तांडव मचाया है।कोई ऐसा राज्य कोई ऐसा जिला नही जहां कोरोना ने अपना कहर न बरपाया हो।ऐसे में भारत को भविष्य में कोरोना के किसी भी खतरे से निपटने के लिए जल्द से जल्द अपने लोगों का वैक्सीनेशन करना होगा क्योंकि कोरोना को हराना है तो एक मात्र हथियार वैक्सीन ही है।इसी के चलते PM Modi ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कई एहम और बड़े ऐलान किये साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार की वैक्सीन नीति में भी बड़े बदलाव किए।
भारत एक बहुत बड़ी जनसंख्या वाला देश है ऐसे में भारत मे ज्यादा से ज्यादा वैक्सीनेशन होना न सिर्फ भारत के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए लाभदायक है।शुरुवात में भारत मे बहुत तेजी से वैक्सीनेशन हुआ लेकिन दूसरी लहर व अन्य कुछ कारणों की वजह से भारत मे वैक्सीनेशन थोड़ा धीमे हो गया।इसके कुछ प्रमुख कारण थे केंद्र और राज्य सरकारों के बीच वैक्सीन के दाम व संख्या को लेके मतभेद।अब इन सब पर विराम लगते हुए और भारत मे वैक्सीनेशन को और तेज गति से बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने अपनी वैक्सीन नीति में बड़े बदलाव किए है जिससे निश्चित ही भारत मे वैक्सीनेशन की गति में सुधार आएगा।
क्या है केंद्र की नई वैक्सीन नीति?
PM Modi ने केंद्र सरकार की नई वैक्सीन नीति का ऐलान किया।PM Modi ने केन्द्रीकृत वैक्सीन अभियान का ऐलान करते हुए बताया कि वैक्सीन राज्यों को मुफ्त में दी जाएगी।केंद्र सरकार 75 फीसदी वैक्सीन राज्य सरकारों को मुफ्त में देगी और 25 फीसदी वैक्सीन निजी अस्पतालों को बेची जाएगी।अब इस नीति के तहत 18 साल से ऊपर सभी के लिए केंद्र सरकार मुफ्त टीका राज्यों को देगी।यह नयी नीति 21 जून से लागू हो जाएगी।PM Modi ने निजी अस्पतालों के लिए भी कई नियम बताए जैसे कि निजी अस्पताल वैक्सीन लगवाने के सर्विस चार्ज के तौर पर अधिकतम 150 रुपये ही वसूल कर सकते हैं।
और क्या बड़े ऐलान किये PM Modi ने?
वैक्सीन नीति में बदलाव के अलावा PM Modi ने
गरीब कल्याण अन्न योजना
को भी दीवाली तक आगे बढ़ाने का ऐलान किया है।PM Modi ने इसके साथ ही ये भी बताया कि आने वाले समय मे वैक्सीन की सप्लाई और बढ़ जाएगी।
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: WHO ने दुनिया भर के कोरोना वैरिएंट्स को दिए नाम,जानिए भारत मे पाए गए वैरिएंट को क्या नाम मिला
Wed, Jun 2, 2021
कोरोना वायरस ने दुनिया भर में तबाही मचाई है और इसने दुनिया को वो सब दिख दिया जो आम आदमी तो क्या बड़े बड़े वैज्ञानिकों ने भी कभी नही सोचा होगा।इसने दुनियाभर मे अपने प्रभाव से पूरी मानवता को खतरे में डाल दिया।लाखों लोगों के जान लेने वाला यह वायरस अपने आप मे अनोखा है।
ये किसी ने नही सोचा था कि SARS COV 2 वायरस अपने इतने स्वरूप दिखायेगा की आज की मेडिकल साइंस(
Medical Science
) भी इसको रोकने में विफल हो जाएगी।ये वायरस इतना जल्दी स्वरूप बदलता है कि इसकों समझ पाना और रोक पाना काफी मुश्किल होता है और जब तक समझ मे आता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।
कोरोना वायरस के दुनिया भर में अलग अलग वैरिएंट्स मिलें हैं और इसमें सबसे आश्चर्यचकित कर देनी वाली बात यह है कि इसके सभी वैरिएंट एक दूसरे से अलग है।सभी वैरिएंट अपने आप मे खतरनाक है और कुछ न कुछ नए लक्षणों के साथ आते हैं।
कोरोना के अलग अलग वैरिएंट अलग अलग देशों में पाए गए हैं और ये जहां भी पाए गए हैं वहां इन्होंने भयानक तबाही मचाई है।ये सभी वैरिएंट्स सामान्य SARS COV 2 से बहुत ज्यादा घातक हैं।
WHO ने किस वैरिएंट को क्या नाम दिया?
SARS COV 2 के प्रमुख एवं खतरनाक वैरिएंट ब्रिटेन(Britain), दक्षिण अफ्रीका(South Africa) ,ब्राज़ील(Brazil) और भारत(India) में पाए गए हैं।इनमे से ब्रिटेन में मील वैरिएंट का नाम (Alpha) रखा गया है तो वंही दक्षिण अफ्रीका में मिलें वैरिएंट का नाम ‘बीटा’(Beta) रखा गया है।
ब्राज़ील में मिले खतरनाक वैरिएंट का नाम ‘गामा’(Gamma) रखा गया है।अब बात आती है अपने भारत की तो वो वैरिएंट जिसने ना सिर्फ भारत को बल्कि पूरी दुनिया को सकते में डाल दिया वो था B.1.617.2 वैरिएंट जो की सबसे पहले भारत मे मिला था।अब इस वैरिएंट का नाम ‘डेल्टा’(Delta) रख दिया गया है।
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: क्या है ये ब्लैक,वाइट और येल्लो फंगस, जानिये सब कुछ
Mon, May 31, 2021
भारत अभी कोरोना महामारी की भयानक दूसरी लहर से उबर भी नही पाया थी कि भरतीय लोगों पर एक और खतरनाक और गंभीर बीमारी का साया मंडराने लगा।ये बीमारी और कुछ नही बल्कि फंगस(
Fungus
) है जो की अलग अलग प्रकार के होते हैं जैसे ब्लैक,वाइट व येल्लो फंगस।अब कुछ फंगस मानव शरीर को नुकसान नही पहुँचाते तो कुछ जानलेवा भी साबित हो सकते हैं।
इन्ही जानलेवा प्रजाति के कुछ फंगस ने भारत में अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं।इनमे से सबसे पहले ब्लैक फंगस(Black Fungus) भारत मे मिला।ब्लैक फंगस के बाद सफेद व उसके बाद येलो फंगस मिला जिसने दुनिया भर के विषेशज्ञों को सकते में दाल दिया।
क्या है ये ब्लैक,वाइट और येल्लो फंगस?
ये तीनों ही फंगस के प्रकार बस इनके लक्षणों व इनके अटैक साइट में मूली सा अंतर है।तीनों का ही इलाज संभव है परंतु अगर समय रहते इसपे ध्यान न दिया जाए तो ये बेहद घातक व जानलेवा भी साबित हो सकते हैं।
ब्लैक फंगस(Black Fungus): यह फंगस प्रमुखतः साइनेस, ब्रेन और आंख पर हमला करता है और सही समय पर इलाज न करने पर यह उस अंग को नष्ट कर देता है ओर जान भी ले सकता हैं।
वाइट फंगस(White Fungus): वाइट फंगस आम तौर पर ई सी यू में भर्ती मरीजों में पाया जाता है और ये सीधे मानव फेफड़ों पे हमला करता है उसके बाद धीरे धीरे अन्य अंगों में पहुंच जाता है।
येल्लो फंगस(Yellow Fungus):येल्लो फंगस नए प्रकार के फंगस है और ये ब्लैक व वाइट फंगस से ज्यादा खतरनाक है।डॉक्टरों के पास भी इससे जुड़ी जानकारी ज्यादा मौजूद नही है।अभी तक यह इंसानों में नही पाया जाता था।
ब्लैक,वाइट व येलो फंगस से बचने के उपाय?
ये तीनों फंगस ही कमजोर इम्युनिटी वाले लोगो पर ज्यादा हमलव करता है।साथ ही जिनकी इन्सुलिन बढ़ी होती है या जो लोग स्टेरॉयड लेते है उनको इससे ज्यादा खतरा है।ये हवा के जरिये फैलता है और सामान्य वातावरण में हमारे आस पास ही रहता है।गंदी और धूल धक्कड़ में इसके पाए जाने के सर्वाधिक साक्ष्य मिलें हैं।
इससे बचने का सबसे अच्छा उपाय है अपनी इम्युनिटी को स्ट्रांग रखें व धूल धक्कड़ वाली जगहों पे जाने से बचें। एक बात का और विशेष ध्यान रखें अपनी डायबटीज़ को संतुलित रखें,व स्टेरॉयड लेने स बचें।गार्डन,खुली जगहों व पब्लिक प्लेसेस पर अपने शरीर को अच्छे से ढक के ही जाएं।
भारत में क्या स्थिति है ?
भारत मे सबसे ज्यादा ब्लैक फंगस के केस मिलें है और लगभफ सभी राज्यों में ब्लैक फंगस के एक्टिव केस मौजूद है।हालांकि वाइट और येलो फंगस के बहुत कम केस भारत मे मिलें है और बहुत कम राज्यों में इनके एक्टिव केस मौजूद हैं।
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