: RSS प्रमुख मोहन भागवत को हुआ कोरोना, अस्पताल में भर्ती
Sat, Apr 10, 2021
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत कोरोना वायरस (कोविड-19) से पाॉजिटिव पाए गए हैं। संगठन ने कहा कि उन्हें नागपुर में एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि भागवत को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। इस बात की जानकारी संघ ने शुक्रवार को ट्वीट कर दी। बता दें कि शुक्रवार को देश में कोरोना वायरस के 1.31 से अधिक केस सामने आए थे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के परमपूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत आज दोपहर कोरोना पॉज़ीटिव हुये है।
अभी उन्हें कोरोना के सामान्य लक्षण हैं तथा वे सामान्य जाँच और सावधानी के नाते नागपुर के किंग्ज़वे अस्पताल में भर्ती हुए हैं।
RSS प्रमुख मोहन भागवत को हुआ कोरोना, अस्पताल में भर्ती
संघ ने ट्वीट कर कहा, 'आरएसएस के सरसंघसंचालक आज कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। मौजूदा समय में उनमें कुछ हल्के लक्षण दिख रहे हैं और एहतियाती उपाय के तौर पर और नियमित परीक्षण करने के लिए उन्हें नागपुर किंग्सवे अस्पताल में भर्रती कराया गया है।' बता दें कि मोहन भागवत ने सात मार्च को कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक ली थी। उन्होंने अब तक दूसरी खुराक नहीं ली है।
इधर, भारत में एक दिन में कोविड-19 के 1,31,968 नए ममाले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की कुल संख्या 1,30,60,542 हो गई। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार की सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, वायरस से 780 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 1,67,642 हो गई। 18 अक्टूबर के बाद सामने आए मौत के ये सबसे अधिक मामले हैं।
: 11 अप्रैल से ऑफिस में लगेगी कोरोना वैक्सीन, जानिए क्या होगी एक डोज की कीमत.
Fri, Apr 9, 2021
देश में कोरोना वैक्सीनेशन की रफ्तार तेज करने के लिए सरकार हर तरह के प्रयास कर रही है. इसी कड़ी में एक नए ऐलान के मुताबिक 11 अप्रैल से सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों में कर्मचारियों को कोरोना की वैक्सीन दी जाएगी. स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से इसके दिशा-निर्देश, कौन टीका ले सकता है और टीके की प्रति डोज की क्या कीमत होगी, इस बारे में बता दिया है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि दफ्तरों में टीका देने का काम देश में वैक्सीनेशन के अभियान को धार देने के लिए शुरू किया जा रहा है.
सरकार के एक बयान के मुताबिक, दफ्तरों में टीकाकरण का काम सुविधाजनक होने के साथ ही कर्मचारियों को बाहर निकलने से रोकने में कारगर साबित हो सकता है.
टीका अगर दफ्तर में दे दिया जाए तो लोग इसके लिए बाहर जाने को मजबूर नहीं होंगे. इससे संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका घटेगी. उन दफ्तरों में कोरोना टीकाकरण का काम शुरू किया जाएगा जहां कम से कम 100 लोग इसे लेने के लिए तैयार होंगे. स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बाबत अलग-अलग राज्य सरकारों को सर्कुलर भेज दिया है. दफ्तरों में इसके लिए कोविड वैक्सीनेशन सेंटर (CVC) बनाए जाएंगे.
11 अप्रैल से ऑफिस में लगेगी कोरोना वैक्सीन, जानिए क्या होगी एक डोज की कीमत.
कैसे होगा टीकाकरण
हर जिले में डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स (DTF) बनाया जाएगा जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी करेंगे. इसी तरह निगम अध्यक्ष की अगुवाई में शहरों में अरबन टास्क फोर्स (UTF) का गठन होगा. इनकी देखरेख में जिलावार दफ्तरों में टीकाकरण का काम शुरू किया जाएगा.
कंपनियां इसके लिए नोडल ऑफिसर बनाएंगी जो जिला स्वास्थ्य अधिकारी या प्राइवेट कोविड वैक्सीनेशन सेंटर के संपर्क में टीकाकरण का काम कराएंगे. ऑफिस में वैक्सीनेशन का पूरा काम नोडल ऑफिसर की जिम्मेदारी होगी. किसे वैक्सीन लेना है, उसका रजिस्ट्रेशन कैसे होगा, इसका इन्फ्रास्ट्रक्चर कैसे तैयार करना है, जैसे कार्यों की देखरेख नोडल अधिकारी पूरा करेंगे.
जिन ऑफिस में टीकाकरण होना है, उसकी पहचान होने के बाद पूरी डिटेल कोविन ऐप पर रजिस्टर की जाएगी. यह काम सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों को समान रूप से करना होगा. इस पूरे काम के लिए सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में प्रभारी नियुक्त किए जाएंगे.
कौन ले सकता है टीका
मौजूदा चरण के मुताबिक लोगों को टीका दिया जाएगा. अभी 45 पार लोगों को टीका दिया जा रहा है. ऑफिस में भी इसी उम्र का ध्यान रखकर वैक्सीनेशन होगा. दफ्तर में किसी बाहरी व्यक्ति को टीका नहीं लगेगा. यहां तक कि कर्मचारियों के परिवार वाले भी वैक्सीन पाने के हकदार नहीं होंगे. जिस कर्मचारी को टीका लगना है, उसे कोविन ऐप पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा. सीवीसी से नोडल ऑफिसर रजिस्ट्रेशन के बारे में सुनिश्चित करेंगे. ऑफिस में ऑन स्पॉट रजिस्ट्रेशन की भी सुविधा दी जाएगी.
कौन सी वैक्सीन दी जाएगी
केंद्र सरकार ने पहले ही साफ कर दिया है कि एक ऑफिस में कोई एक ही तरह का टीका दिया जाएगा ताकि मिक्स होने का खतरा न हो. पहली और दूसरी डोज में कोई अंतर न आए, इसलिए पहले ही तय हो जाएगा कि कौन सा टीका दिया जाना है. अगर किसी कर्मचारी ने किसी सेंटर पर दूसरी कंपनी का टीका लगा लिया है तो उसे उसकी अगली डोज के लिए उसी सेंटर पर जाना होगा. दफ्तर में एक ही कंपनी की दोनों डोज दी जाएगी.
वैक्सीन की क्या होगी कीमत
सरकारी दफ्तरों में जिला स्वास्थ्य प्राधिकार की ओर से जो टीका लगेगा वह फ्री होगा, जबकि प्राइवेट सीवीसी की तरफ से लगाया जाने वाला टीका पेमेंट बेसिस पर होगा. प्राइवेट ऑफिस में टीके का दाम वही होगा जो प्राइवेट अस्पतालों में होता है. प्राइवेट ऑफिस में वैक्सीन का सर्विस चार्ज लिया जा सकता है जो अधिकतम 100 रुपये तक हो सकता है. प्रति डोज वैक्सीन की कीमत 150 रुपये है. सर्विस चार्ज जोड़कर देखें तो प्रति डोज वैक्सीन की कीमत 250 रुपये तक हो सकती है.
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: छत्तीसगढ़: नक्सलियों ने अगवा कोबरा जवान को छोड़ा
Thu, Apr 8, 2021
अपहृत कोबरा जवान राकेश्वर सिंह मनहास को नक्सलियों ने छोड़ दिया है। मनहास जम्मू के रहने वाले हैं, नक्सलियों के साथ मुठभेड़ के दौरान उनका अपहरण कर लिया गया था। आज नक्सलियों ने उनको पांच दिन बाद रिहा कर दिया।
छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने अगवा कोबरा जवान को छोड़ दिया है। जवान को पत्रकारों के हवाले किया गया है।बता दें कि छत्तीसगढ़ में सुरक्षाकर्मियों के एक दल पर नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया था। कल नक्सल समूह ने एक प्रेस नोट जारी किया था। जिसमें अपहृत जवान की सुरक्षा का आश्वासन दिया था। नक्सलियों ने माना था कि सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ में उनके चार साथियों की जान गई है।
इससे पहले नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ सरकार से वादा किया कि वे जवान को रिहा करेंगे और रिहाई के लिए सरकार से मध्यस्थों के नाम मांगेंगे।
नक्सलियों ने दावा किया था कि उनकी हिरासत में सीआरपीएफ जवान राकेश्वर सिंह मनहास हैं और वह सुरक्षित और स्वस्थ हैं।
उन्होंने कहा था कि जब सरकार उनकी रिहाई के लिए बातचीत के लिए पार्टी भेजेगी तो वे जवान को रिहा कर देंगे।
नक्सलियों ने अपने चार साथियों की मौत की बात भी स्वीकार की और सैनिकों से लूटे गए हथियारों की तस्वीरें जारी कीं। इस बीच, अपहृत जवान की पत्नी और बेटी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था जिसमें राज्य और केंद्र सरकार से मनहास की सुरक्षित वापसी की अपील की थी।
बता दें कि छत्तीसगढ़ के जोनागुड़ा गाँव के पास नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया था। सुकमा-बीजापुर सीमा पर सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 31 जवान घायल हो गए थे और 22 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे।